कौन इसकी फ़िक्र करता है भला बतलाइये, गोकि मेरे दर तलक भी आइये, .मत आइये, इक वफ़ा के रंग-ओ-बू से आप हैं खाली अगर, क्या-म-आनी हैं लहू से रंग के भी ख़त लाइए.... उर्मिला माधव .... 26.3.2015...
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