जब रात बहुत गहराती है,तब दर्द खटकने लगता है, आँखों में नींद के आने का अन्दाज़ भटकने लगता ह, यादों के बिखरे खण्डहर में एक आह सुनाई देती है, दीवार में तेरे साये का कोई अक्स चटकने लगता ह।। उर्मिला माधव.. 16.3.2013
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