ये सभी प्राणी......अनेकों देश में, जी रहे हैं.......किन्नरों के वेश में, नाचते गाते हैं.......औरों के लिए, जो स्वयं रहते कठिन परिवेश में.... उर्मिला माधव... 23.3.2014....
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