Friday, 25 May 2018

जीता नहीं

कितनी सारी बाज़ियां हम जीत कर होते हैं ख़ुश,
ज़िन्दगी की आख़री बाज़ी .......कोई जीता नहीं ......
उर्मिला माधव..
26.5.2015

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