ये मेरे शेर और क़तआत ---
Thursday, 31 May 2018
पथ्थर सा
ख़ूबसूरत है संग-ए-मरमर सा,
अब बचा दिल तो वो है पथ्थर सा,
उर्मिला माधव...
1.6.2015
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