कुछ आईनों को तोड़ के हल्ला मचाइए, आवाज़ देके सर पै......मुहल्ला उठाईए, अपनी गली में झाँक के.नीचे को देखिए, उंगली का सारी भीड़ को छल्ला दिखाईए.... उर्मिला माधव... 17.5.2014...
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