बस आईने में उसके,उतरने की फ़िक्र में, दुनियाँ की हर खुशी से बहुत दूर हो गए, तन्हाइयां मिलीं सो मिलीं,अश्क़ भी मिले, नज़रों में सबकी बे-सबब मगरूर हो गए, उर्मिला माधव.... 21.5.2014...
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