Sunday, 20 May 2018

मग़रूर होगए

बस आईने में उसके,उतरने की फ़िक्र में,
दुनियाँ की हर खुशी से बहुत दूर हो गए,
तन्हाइयां मिलीं सो मिलीं,अश्क़ भी मिले,
नज़रों में सबकी बे-सबब मगरूर हो गए,
उर्मिला माधव....
21.5.2014...

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