Saturday, 5 May 2018

दरअस्ल का

जिसको चस्का हो शराब-ए-वस्ल का,
वो मज़ा क्या पाएगा दरअस्ल का
कितनी शिद्दत है किसीकी चाह में
इम्तिहाँ है आदमी की नस्ल का।..
उर्मिला माधव
6.5.2013..

No comments:

Post a Comment