Wednesday, 9 May 2018

क़ता

लौट जाने को जी चाहता है,
फिर न आने को जी चाहता है,
बन्द पलकों में आँसू बहुत हैं,
डूब जाने को जी चाहता है....
उर्मिला माधव
10.5.2013

No comments:

Post a Comment