दिल के इरादे चाँद से .…...मन्सूब होगए, फिर क्या कहें के बज़्म में हम ख़ूब होगए, लोगों ने हमको प्यार से दिल में पनाह दी, हम भी बरा ए नाम फिर.....महबूब होगए.. उर्मिला माधव.. 17.5.2013
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