सोज़े ग़म हल्का नहीं होता किन्हीं अल्फ़ाज़ से, ज़िन्दगी सच बोलती है, और हमे सहना ही है... दर्द की बुनियाद का हिस्सा हैं गिरया और लहू, जो भी हों हालात इनको हर तरह बहना ही है... उर्मिला माधव 15.2.2019
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