ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 8 February 2019
वो हिसार कहां
ज़िंदगी जिसमें बहुत देर रुका करती थी,
वो सनमख़ाने कहाँ और वो हिसार कहाँ,
उर्मिला माधव,
9.2.2017.
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