ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 22 February 2019
खड़े हों
ख़ुद ही खड़े रहे हों जहां हाशिये पे लोग,
फिर और इस जगह से कहाँ जाएगा कोई
उर्मिला माधव
23.2.2018
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