मिली दृष्टि तब मित्र हमारे,आशा से अतिरिक्त मिले, दृष्टि घुमाई ज्यों ही हमने,...ह्रदय प्रेम से रिक्त मिले, उर्मिला माधव... 26.2.2015...
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