हम नज़र से देख कर भी वाह करते ही नहीं, हो रहो तुम बेवफ़ा,हम आह भरते ही नहीं, पास आओ दूर जाओ ये मशक़्क़त तुम करो, हम मुहब्बत की तुम्हारी चाह करते ही नहीं ... #उर्मिलामाधव.. 4.2.2016
No comments:
Post a Comment