हम किसी तौर मुतास्सिर नहीं होने वाले, तेरी दुनियां में अब हाज़िर नहीं होने वाले, प्यार में शर्त है,दम-ख़म हो जिगर हो अपना, कोई भी दोस्त तेरी ख़ातिर नहीं होने वाले. उर्मिला माधव
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