दिल से हर शख्स जब उतर जाए राबिता ......दरमियां बिखर जाए, हक़ बुलंदी है ......सिर्फ़ ख़ामोशी, बस .....किसी ग़ैर के न घर जाए... उर्मिला माधव, 22.2.2016
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