अभी तो रात गुज़रने में वक़्त बाक़ी है अभी से फ़ैसला करने का हक़ नहीं तुमको ये मेरी रफ़्त का हिस्सा है सिर्फ़ हंस देना, बला का हौसला करने का हक़ नहीं तुमको उर्मिला माधव 11.2.2019
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