Monday, 20 November 2017

हिंदी मुक्तक

मृत्यु को हम क्रूर कहते......ये हमारी भूल है,
येही जीवन चक्र है तब किस तरह प्रतिकूल है??

जन्म के ही साथ मृत्यु सर्वथा निश्चित यहाँ,
सत्यता से बचके चलना हर तरह...निर्मूल है...
उर्मिला माधव...
20.11.2014...

No comments:

Post a Comment