मुश्किल ही खड़ी करता,जाड़ों का ये मौसम, रातें ही बड़ी करता........जाड़ों का ये मौसम, महदूद होके घर में.......बस बैठना मुबारक, कोहरे की झड़ी करता...जाड़ों का ये मौसम..... उर्मिला माधव.... 21.11.2014....
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