वो मेरी सूरत पे बोले ख़ूब है, हर कोई बस हुस्न से मंसूब है,
क़द्रदां सीरत का भी है कोई तो क्या बताऊँ,कौन वो महबूब है... उर्मिला माधव 9.11.2016
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