Monday, 27 November 2017

क़ता

बरसता है जो आँखों से उसे .......सावन कहेंगे हम,
लिपटता है जो शानों से उसे .......दामन कहेंगे हम,
मुसलसल ही घिरा रहता है जिसकी याद से ये दिल,
गुज़रता है जो साँसों से उसे .......साजन कहेंगे हम.....
उर्मिला माधव,
25.11.2016..

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