:) :) :) --------- एक ग़ज़ल लिख्खी जो तुमने कस्टमाइज़, बस........वहीँ से होगया क्वेश्चन अराइज़, है बहुत मुमकिन के....हम बे-अक्ल ही हों, तुम कहाँ साबित हुए.....कोई ख़ास वाइज़ ....!! उर्मिला माधव... 14.11.2014...
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