ये मेरे शेर और क़तआत ---
Monday, 27 November 2017
एक शेर
क्यूँ फ़लक पर तायरों के झुण्ड हैं?
राबितों की लाश कोई सड़ गई क्या?
उर्मिला माधव ...
28.11.2016
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