आज मैं तनहा बहुत घबराई री....हे माई री, याद मुझको इस क़दर क्यूँ आई री हे माई री? तेरे दामन की जो यादें,छा गयीं दिल पर मेरे, नींद बिलकुल होगई हरजाई री....हे माई री.. उर्मिला माधव... २८.११.२०१३.
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