ये मेरे शेर और क़तआत ---
Monday, 10 June 2019
समझाते रहे
जाने वाले बारी-बारी छोड़ कर जाते रहे,
और जो ज़िंदा रहे वो खुद को समझाते रहे..
उर्मिला माधव..
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment