ये मेरे शेर और क़तआत ---
Sunday, 9 June 2019
ढकने को
हमको आदत है हमेशा से बहुत हंसने की,
अच्छा पर्दा है,सभी दर्द-ओ-अलम ढकने को...
उर्मिला माधव
10.6.2015
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