Thursday, 27 June 2019

इबारत हूँ

मैं तो पत्थर पै लिखी ऐसी एक इबारत हूँ,
जिसको पढ़ने के लिए सब्र की ज़रूरत है
इसके अलफ़ाज बहुत आग सी उगलते हैं
जिसको ढकने के लिए अब्र की ज़रूरत है
उर्मिला माधव..
28.6.2013

abr----badal

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