ये मेरे शेर और क़तआत ---
Wednesday, 12 June 2019
ज़िन्दगी के ग़म
कुछ लोग डर से घर को चरागां न कर सके,
बेपर्दा हो न जाएं कहीं,ज़िन्दगी के ग़म..
उर्मिला माधव,
13.6.2018
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