देखना तूफ़ान में ये क़श्तियाँ क्यूँ जा रही हैं?? क्या कहें ज़िन्दादिली ये बेधड़क लहरा रही है!! आज ये लगता है हिम्मत होगई चट्टान जैसी , क्यूँकि ये हालात से हरगिज़ नहीं घबरा रही हैं... उर्मिला माधव.. 24.6.2013
No comments:
Post a Comment