ये मेरे शेर और क़तआत ---
Saturday, 15 June 2019
नहीं पाई
मैं एक शब भी उसे ......भूल ही नहीं पाई,
वो मुझसे आंख चुराना नहीं भूला हरगिज़,
उर्मिला माधव
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