जिनकी कोई ताब ला सकता नहीं, ऐसी कुछ वीरानियाँ हैं दह्र में, ग़मज़दा दिल उसमें जब हो मुब्तिला, मुझको सब आसानियां हैं दह्र में.. उर्मिला माधव
मुब्तिला-- खोया हुआ दह्र--- संसार
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