प्यार किया तुमसे,गुनाह किया, ज़िन्दगी को भी ख़ारगाह किया, हम यहाँ .....अश्क़बार होते रहे, तुमने महफ़िल में वाह-वाह किया.. उर्मिला माधव.. 24.5.2013
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