Thursday, 23 May 2019

अश्कबर ही होते रहे

प्यार किया तुमसे,गुनाह किया,
ज़िन्दगी को भी ख़ारगाह किया,
हम यहाँ .....अश्क़बार होते रहे,
तुमने महफ़िल में वाह-वाह किया..
उर्मिला माधव..
24.5.2013

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