आपसे, फितरत न छोड़ी जाएगी, हमसे अपनी ज़िद न तोड़ी जाएगी, फ़ासले भी जब मुक़म्मल हो गए, तुझसे दुनियां, फ़िर न जोड़ी जाएगी उर्मिला माधव 15.5.2018
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