Tuesday, 14 May 2019

छोड़ी जाएगी

आपसे, फितरत न छोड़ी जाएगी,
हमसे अपनी ज़िद न तोड़ी जाएगी,
फ़ासले भी जब मुक़म्मल हो गए,
तुझसे दुनियां, फ़िर न जोड़ी जाएगी
उर्मिला माधव
15.5.2018

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