हाथों की लकीरों में तेरा नाम लिखा है, उनके ही दरूँ इश्क़ का अंजाम लिखा है, पढ़ते हैं मिटाते हैं बहुत हौसला करके, पर गौर तलब ये है कि नाकाम लिखा है... उर्मिला माधव.. 23.5.2013
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