Wednesday, 22 May 2019

सुर्ख़ियां

सुर्खियाँ अख़बार की....हर रोज़ बदली जायेंगी,
सोचते हैं प्रैस वाले.........कि ये पढ़ ली जायेंगी,
ये समझना चाहिए......कुछ लोग ला-परवाह हैं,
आएँगी ख़बरें मगर...आँखें ही ढक ली जायेंगी,
उर्मिला माधव...
23.5.2014...

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