Wednesday, 22 May 2019

तलाश में

मेरे ख़ुश्क होठों पे गर हंसी,कभी आई भी तो रुकी नहीं,
कहीं डगमगा के रुके क़दम किसी इक सहर की तलाश में,
उर्मिला माधव
23.5.2018

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