मैंने जिस दम याद उसको कर लिया, रूह उसकी क़ब्र में तड़पी बहुत,
अश्क मेरे सब पियाज़ी हो गए, आसमां में बर्क़ फ़िर तड़पी बहुत, उर्मिला माधव
No comments:
Post a Comment