Monday, 27 May 2019

कर डाला

मेरे दिल को हलाक कर डाला,
देखो सीना भी चाक कर डाला,
मुख़्तसर सा है मेरा अफ़साना,
रस्मे उल्फ़त को ख़ाक कर डाला..
उर्मिला माधव..
28.5.2013

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