अख़्लाक़ के तरीके सभी ग़र्क़ कर दिए, जितने थे तअल्लुक़ सभी तर्क़ कर दिए, ख़ामोश हूँ बहुत कि अभी ऐतक़ाफ़ है, दर्द-ए-मरासिम भी तहे बर्क़ कर दिए.. उर्मिला माधव.. 3.7.2013
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