ज़ाहिराना तौर पर,.............उसने मुहब्बत ख़ूब की फ़िर भी अहसास-ए-तग़ाफ़ुल,ख़ुद-ब-ख़ुद हो ही गया.. उर्मिला माधव, 4.7.2017
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