Saturday, 21 July 2018

बेसाख़्ता रहे..

मेरा ख़याल-ए-यार से यूँ वास्ता रहे,
मैं उनसे मिल सकूँ कि कोई रास्ता रहे
वो हमक़दम रहें न रहें कोई ग़म नहीं
बस एक मुलाक़ात ही बेसाख्ता रहे....
उर्मिला माधव..
22.7.2013

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