Wednesday, 25 July 2018

टुकड़े वफ़ा के---

कब तलक......हम राबता नईं तोड़ते,
कब तलक......टुकड़े वफ़ा के जोड़ते,
होश तो आया.........मगर कुछ देर में,
कब तलक नईं मुंह को आख़िर मोड़ते...
उर्मिला माधव...
26.7.2014...

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