दो चेहरे, चेहरे पे ......अच्छे नईं होते, दूजे भी आकिल हैं, ...बच्चे नईं होते काले दिल ऑ सोच फ़रेबी वा जी वा ज़ाहिर है वो इंसां ….…सच्चे नईं होते, उर्मिला माधव, 15.7.2017
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