ये मेरे शेर और क़तआत ---
Saturday, 7 July 2018
सजाया जाए
वक़्त आ जाए तो तक़लीफ़ न हो गिनने में
दिल के ज़ख्मों को करीने से सजाया जाए....
उर्मिला माधव...
8.7.2015
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment