हमको फ़ना समझ के बहुत खुश वो हो गए, ज़ाहिर हुई न जिनको, .हमारी जदीद शक़्ल.. उर्मिला माधव, 17.7.2017 जदीद .. नई (नया हाल)
No comments:
Post a Comment