रहबरों मेरे वतन के हौसला करके दिखाओ, जो ज़मीनों में उगाते हैं गुहर उनको मनाओ, धज्जियाँ सारे दहर में उड़ गईं अपने वतन की, टूटती बुनियाद को तुम ख़ुशनुमाँ करके दिखाओ. उर्मिला माधव.. 12.7.2013
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