ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 10 January 2020
नूर ए हिंदुस्तान हुई
ग़ैर मुल्क मैं चर्चे इसके,नूर-ए-हिन्दुस्तान हुई,
लाशों के अम्बार पे बैठी दिल्ली कब्रिस्तान हुई,
लाल किले की दीवारों से परचम भी लहराता है,
किसे खबर है इसके पीछे,किसकी जाँ कुर्बान हुई...
उर्मिला माधव...
11.1.2014...
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