ये मेरे शेर और क़तआत ---
Wednesday, 15 January 2020
आसमां लिखें
शेर-ओ-सुखन का रंग भी कितना अजीब है,
रहते हैं सब ज़मीं पै .....मगर आसमां लिखें,
दिल रंजग़र ....ऑ आँख में आंसू भी ख़ूब हैं,
जलती हुई क़लम से मगर .....शादमां लिखें.....
उर्मिला माधव...
16.1.2017....
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