Monday, 6 January 2020

उठ जाओ

चार मिसरे Siya Sachdev जी के लिए ...

यूँ न हलकान हो के मुुरझाओ,
अपना उन्वान हो के उठ जाओ,
ये जो दुनियां है ये किसीकी नहीं,
ख़ुद ही तूफ़ान हो के उठ जाओ..
उर्मिला माधव..
7.1.2017

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